23.1 C
Indore
Sunday, August 31, 2025
Home हिंदी न्यूज़ कारगिल युद्ध: 26 साल बाद प्वाइंट 5140 पर पहुंचे भारतीय सैनिक.

कारगिल युद्ध: 26 साल बाद प्वाइंट 5140 पर पहुंचे भारतीय सैनिक.


Final Up to date:

KARGIL WAR: हाई एल्टिट्यूड वॉरफेयर में लंबी दूरी तक मार करने वाली तोप जिसके पास होगी, जंग में पलड़ा उसी का भारी होगा. कारगिल की जंग में यह साफ दिखा भी. उसके बाद से ही भारतीय सेना ने अपने तोपखाने के आधुनिकीकरण क…और पढ़ें

प्वाइंट 5140 पर गोले बरसाने वाले सैनिक 26 साल बाद जा पहुंचे उसी चोटी पर

गन हिल पर पहुंचे गनर

हाइलाइट्स

  • 87 सैनिक प्वाइंट 5140 की चोटी पर पहुंचे
  • प्वाइंट 5140 को 2023 में ‘गन हिल’ नाम दिया गया
  • कारगिल युद्ध में आर्टिलरी ने ढाई लाख से ज्यादा राउंड फायर किए
KARGIL WAR: कारगिल की जंग में जब तक आर्टिलरी तोपों की एंट्री नहीं हुई थी, तब तक पैदल सैनिकों को काफी संघर्ष करना पड़ रहा था. 2 महीने, 3 हफ्ते और 2 दिन तक चला कारगिल युद्ध और लंबा चल सकता था अगर भारतीय तोपों ने मोर्चा नहीं संभाला होता. देखते-देखते 26 साल बीत चुके हैं. कारगिल की 26वीं वर्षगांठ मनाने और अपने साथी शहीदों की याद में 87 सैनिक प्वाइंट 5140 की चोटी पर पहुंचे. साल 2023 में ही इस चोटी को नया नाम ‘गन हिल’ दिया गया था. कारगिल की जंग में सक्रिय रहे 10 आर्टिलरी यूनिट के 20 गनर भी मौजूद थे. भारतीय तोपखाने की फायरपावर के चलते इसी पहली ऊंची चोटी पर जीत दर्ज की गई थी. गोले बरसाने वाले 1999 में तो प्वाइंट 5140 पर नहीं जा सके थे, लेकिन 26 साल बाद उसी चोटी पर पहुंचे जिस पर उन्होंने सैकड़ों राउंड फायर किए थे.

प्वाइंट 5140 से आया था ‘ये दिल मांगे मोर’ का सिग्नल
द्रास के प्वाइंट 5140 को फिर से हासिल करने की जिम्मेदारी 13 जम्मू कश्मीर राइफल को दी गई थी. लेफ्टिनेंट संजीव सिंह जामवाल की अगुवाई में ब्रावो कंपनी और विक्रम बत्रा की अगुवाई में डेल्टा कंपनी को टास्क दिया गया. 20 जून की सुबह 4:35 बजे रेडियो सेट के जरिए विक्ट्री सिग्नल ‘ये दिल मांगे मोर’ दिया गया. इस चोटी को जीतने के लिए भारतीय तोपखाने के बोफोर्स, मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर, 105mm ने मानों अपना मुंह पूरी तरह से खोल दिया, फाइनल असॉल्ट से पहले इतने राउंड फायर किए कि पाकिस्तानियों के होश उड़ गए. उस चोटी पर पाक आर्मी की पूरी एक प्लाटून बैठी थी. आर्टिलरी के घातक प्रहार ने पाक सेना की चुनौतियों को कम कर दिया था. दोनों कंपनियों ने इसनी कुशलता से अटैक किया कि एक भी अपनी कैजुअल्टी नहीं हुई. 26 साल बाद उस पीक पर पहुंचे एक्सपीडिशन टीम में 13 जम्मू कश्मीर राइफल के रेजिमेंटल मेडिकल ऑफिसर कर्नल राजेश (उस वक्त कैप्टन) और सेना मेडल सुबेदार केवल सिंह (उस वक्त लांस नायक) भी मौजूद थे.

ढाई लाख से ज्यादा राउंड फायर किए गए
बोफोर्स गन भले ही विवादों में घिरी हो, लेकिन इसकी मारक क्षमता पर आज तक किसी ने सवाल नहीं उठाया. पूरे जंग के दौरान आर्टिलरी ने ढाई लाख से ज्यादा राउंड फायर किए थे. अकेले बोफोर्स ने 70-80 हजार गोले दागकर पाकिस्तानियों को भागने को मजबूर कर दिया था. अकेले 9000 राउंड तो टाइगर हिल पर फाइनल असॉल्ट के दिन ही किए गए थे. एक अनुमान के तहत 17 दिन तक हर मिनट में 1 राउंड फायर किया जा रहा था. रोजाना 300 से ज्यादा तोप, मोर्टार और मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर से शेल, बम और रॉकेट दागे जा रहे थे. इस कारगिल जंग के दौरान ही भारतीय सेना को स्वदेशी पिनाका रॉकेट लॉन्चर भी मिलने शुरू हुए थे. कारगिल की जंग पिनाका का डेब्यू था.

homenation

प्वाइंट 5140 पर गोले बरसाने वाले सैनिक 26 साल बाद जा पहुंचे उसी चोटी पर



Source by [author_name]


Discover more from News Journals

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Most Popular

ED की स्पेशल टास्क फोर्स का बड़ा ऐक्शन, बाइक बोट घोटाले में जब्त की 394 करोड़ की संपत्ति

Final Up to date:August 31, 2025, 23:05 ISTBike Boat Rip-off: बाइक बोट घोटाले में ईडी ने 394.42 करोड़ की संपत्तियां कामाख्या एजुकेशनल एंड...

Law Firm Gardner Skelton Sparks Creativity and Collaboration in Former Chocolate Factory

Creativity, Unleashed Regulation workplaces are sometimes rented areas with impartial palettes and closed areas for personal conversations. Gardner challenged that norm, saying that her...

Google search data reveals fall 2025 home trends

In keeping with Ruggable, Google  searches for ‘dwelling developments’ are up +227% worldwide within the final month, and with Autumn swiftly approaching, this...

Recent Comments