DGMO Press Convention India: भारत-पाकिस्तान तनाव और ऑपरेशन सिंदूर पर रविवार शाम भारतीय सेना ने प्रेस कॉफ्रेंस की. इस प्रेस कॉफ्रेंस में भारतीय सेना तीन अंग थल सेना, वायु सेना और जल सेना के अधिकारी शामिल थे. थल सेना से लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, DGMO, जल सेना से वाईस एडमिरल एएन प्रमोद डीजी, नेवल ऑपेरशन और वायु सेना से एयर मार्शल एके भारती डीजी, एयर ऑपेरशन इस प्रेस कॉफ्रेंस में शामिल थे. तीनों अधिकारियों ने पीपीटी के जरिए पूरे ऑपरेशन की जानकारी दी. जिसके जरिए भारतीय सेना की कार्रवाई के सभी सबूत भी दिखाए गए.
ऑपरेशन सिंदूर में सिर्फ आतंकी और आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया
प्रेस कॉफ्रेंस में DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा- आप सबको पता है कि पहलगाम अटैक में किस क्रूरता से 26 लोगों को मारा गया था? लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया, ऑपरेशन सिंदूर साफ तौर पर आतंकवाद के साजिशककर्ताओं और उनके ठिकानों को तबाह करने के लिए किया गया था. हमने सीमा पार टेरर कैंप और इमारतों को पहचाना. यह बहुत बड़ी संख्या में थे। इनमें से कई को पहले ही खाली कर दिया था, क्योंकि उन्हें हमारे एक्शन का डर था.’
खुफिया विभागों से पुष्टि के बाद आतंकियों के 9 ठिकाने किए तबाह
डीजीएमओ ने आगे बताया कि पाकिस्तान में 9 शिविर थे, जिनसे आप सभी परिचित हैं. हमारी विभिन्न खुफिया एजेंसियों ने भी उसकी पुष्टि की. इनमें से कुछ PoJK में थे, जबकि कुछ अन्य पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित थे. लश्कर-ए-तैयबा का गढ़ मुरीदके जैसे नापाक स्थानों ने वर्षों से अजमल कसाब और डेविड हेडली जैसे कुख्यात लोगों को जन्म दिया है.”
IC-814 हाईजैक और पुलवामा हमले में शामिल आतंकी भी ढेर
लेफ्टिनेंट जनरल घई ने बताया कि ऑपरेशन के तहत 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया गया, साथ ही उनके कई ठिकानों को भी नेस्तनाबूद किया गया. इस ऑपरेशन में मारे गए आतंकियों में तीन कुख्यात आतंकवादी युसुफ अजहर, अब्दुल मलिक राऊफ और मुदस्सिर अहमद भी शामिल है. जो लंबे समय से भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों में सक्रिय थे. ये आईसी-814 हाईजैक और पुलवामा हमले में शामिल थे.
100 आतंकियों को मारा, पाक के हमले से हमे कोई नुकसान नहींः सेना
उन्होंने यह भी बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में आतंकियों के 9 ठिकानों को तबाह किया गया. 100 आतंकियों को मारा गया. अधिकारियों ने बताया कि स्ट्राइक के डर से आतंकियों ने कई कैंप पहले ही खाली कर दिए थे. पाकिस्तान के हमले में हमें कोई नकुसान नहीं हुआ.


पाक आर्मी या उसके किसी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना नहीं बनायाः सेना
पीसी में सेना के अधिकारियों ने आगे बताया कि मुरीदके के टेररिस्ट कैंप के बाद बहावलपुर ट्रेनिंग कैंप में कई इन्फ्रास्ट्रक्चर को चुना, जहां आतंकवाद को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया जा सकता था. इन 2 टेररिस्ट कैंप को हमने टारगेट बनाया और इन्हें तबाह किया. अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तानी मिलिट्री और किसी और इन्फ्रास्ट्रक्चर को टारगेट नहीं किया.
ऑपरेशन सिंदूर पर तीनों सेना की प्रेस कॉफ्रेंस की बड़ी बातें
- इस प्रेस कॉफ्रेंस की शुरुआत शिव तांडव के धुन से हुई.
- सेना ने सिर्फ आतंकियों को ठिकाना बना.
- आंतकियों को खत्म करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया.
- सेना नेआतंकियों के 9 ठिकानों को निशाना बनाया.
- इस ऑपरेशन सिंदूर में 100 आतंकी मारे गए.
- मुरीदके में आतंकी ट्रेनिंग कैंप बर्बाद किया गया.
- तीन बड़े आतंकियों को हमने खत्म किया.
- एलओसी पर पाकिस्तान ने नागरिकों को निशाना बनाया.
- पाकिस्तान के हमले में हमें कोई नुकसान नहीं हुआ है.
- हमने पाकिस्तान के सभी हमले नाकाम किए.
- पाकिस्तान ने कई ड्रोन भेजे, जिन्हें तबाह किया गया.
- हमारे ऑपरेशन का लक्ष्य आतंकियों का खात्मा था. हमने सिर्फ आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया.
- पीओके में 5 और पाकिस्तान में स्थित 4 आतंकी ठिकानों को तबाह किया गया.
- पाकिस्तान के 35-40 जवान मारे गए.
- हमारा लक्ष्य आतंकी ढांचे और आतंकी को खत्म करना था, यह हमने 7 मई को हासिल कर लिया.
- उसके बाद पाकिस्तान ने ड्रोन और यूएवी से हमला किया. हमने आतंकी को हिट किया वह उसे नागरिक कह रहे थे.
- 8 और 9 मई की रात को श्रीनगर से गुजरात के नलिया तक हमले किए गए, जिसको हमने विफल कर दिया.
- हमने केवल उनके मिलिट्री ढांचा को टारगेट किया. जब लाहौर से ड्रोन से हमला किया तब पाक ने यात्री विमान को उड़ने दिया.
- चुनियान में पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह किया.
- सीजफायर समझौते के बाद पाकिस्तान ने फायरिंग कर समझौते का उल्लंघन किया. हमने पाकिस्तान के उल्लंघन का करारा जवाब दिया.
- सेना को काउंटर अटैक की खुली छूट दी गई है. यदि पाकिस्तान की ओर से समझौते का उल्लंघन हुआ तो हम इसका जवाब देंगे.
- सरगोधा , रहीमयार खान, चकलाला ,सक्कर , भोलारी, जकोकाबाद एयर फील्ड को तबाह किये गए.
- 22 अप्रैल के बाद नौसेना को अरब आगर में तैनात किया गया, ताकि हम तैयार रहे. पाकिस्तान नेवी को इससे रक्षात्मक रवैया अपनाना पड़ा.
- हमारा लक्ष्य था टेरर कैम्प को बर्बाद करना था, मेरी पाक डीजीएमओ से 3.35 बजे बात हुई. कल हम फिर 12 बजे बात करेंगे.
- कल शाम और आज सुबह भी जो सहमति हुई थी, उसे तोड़ा गया. चीफ ने आर्मी कमांडर को सीधा निर्देश दिया है कुछ होने पर माकूल जवाब दे.
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