Aurangzeb Controversy: औरंगजेब अच्‍छा शासक… ऐसा बोलकर फंसे अबू आजमी अब पहुंचे हाईकोर्ट, जज से बोले- FIR रद्द कर दो – Abu Azmi approach Bombay High Court to cancel FIR registered during Aurangzeb Controversy in maharashtra

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Aurangzeb Controversy: अबू आजमी औरंगजेब को अच्‍छा शासक बताकर विवाद में फंस गए थे. इसे लेकर महाराष्‍ट्र की राजनीति भी गरमा गई थी. उनके ऊपर दो मुकदमे दर्ज किए गए. अब इन्‍हीं मुकदमों को रद्द कराने के मकसद से अबू आ…और पढ़ें

औरंगजेब अच्‍छा शासक... बोलकर फंसे अबू आजमी पहुंचे HC, बोले- FIR रद्द कर दो

अबू आजमी ने कोर्ट का रुख किया. (News18)

हाइलाइट्स

  • अबू आजमी पर महाराष्‍ट्र में कुल दो मुकदमे दर्ज हुए थे.
  • औरंगजेब को अच्‍छा शासक बताकर वो बुरे फंस गए थे.
  • अबू आजमी ने बॉम्‍बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

Aurangzeb Controversy: महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने बॉम्‍बे हाईकोर्ट का रुख किया है. आजमी पर औरंगजेब पर टिप्पणी को लेकर विवाद में कुल दो एफआईआर दर्ज की गई थी. इस मामले में अबू आजमी ने कोर्ट में याचिका लगाकर कहा कि ये दोनों एफआईआर राजनीति से प्रेरित हैं. लिहाजा इन्‍हें रद्द किया जाए. न्यायमूर्ति ए एस गडकरी और न्यायमूर्ति राजेश पाटिल की पीठ ने सोमवार को पुलिस को नोटिस जारी किया और मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद तय की.

मार्च में मीडिया को दिए गए एक साक्षात्कार में आजमी ने कथित तौर पर कहा था कि औरंगजेब एक ‘‘अच्छा प्रशासक’’ था और उसके शासनकाल के दौरान भारत की सीमाएं अफगानिस्तान और बर्मा तक फैल गईं. आजमी ने कथित तौर पर कहा कि अगर औरंगजेब ने मंदिरों को ध्वस्त किया था, तो उसने मस्जिदों को भी नष्ट कर दिया था. यह टिप्पणी हिंदी फिल्म ‘‘छावा’’ की रिलीज के संदर्भ में की गई, जिसमें छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र संभाजी महाराज और औरंगजेब के बीच संघर्ष को दर्शाया गया है.

विधानसभा से किए गए सस्‍पेंड

इस टिप्पणी के बाद उन्हें इस साल मार्च में महाराष्ट्र विधानमंडल के बजट सत्र से निलंबित कर दिया गया था. मुंबई पुलिस ने आजमी के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज कीं. विधायक ने दावा किया कि उनकी टिप्पणियों को गलत संदर्भ में लिया गया और उन्होंने कभी भी किसी मराठा या हिंदू नेता के खिलाफ कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं की. आजमी ने याचिका में कहा कि उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की दुर्भावनापूर्ण मंशा दिखाई नहीं दी है.

FIR राजनीति से प्रेरित

आजमी ने अपनी याचिका में कहा, ‘‘ प्राथमिकी राजनीति से प्रेरित है. यह कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है.’’ सत्र अदालत ने आजमी को दोनों मामलों में अग्रिम जमानत दे दी और आजमी के भाषण को पढ़ने से पहले मामले दर्ज करने के लिए पुलिस की खिंचाई की. अदालत ने विधायक से साक्षात्कार देते समय संयम बरतने को भी कहा.

Sandeep Gupta

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें

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