Supreme Court : ‘मैंने कानून सिर्फ इस केस के लिए पढ़ा’, IIM ग्रैजुएट की दलील सुन SC भी रह गया हैरान, जज बोले- आप तो रेयरेस्ट ऑफ रेयर हैं! DU-IIM ग्रैजुएट SC में बोला- जजों ने गलत फैसला दिया, FIR दर्ज हो! जस्टिस कांत का करारा जवाब

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Supreme Court docket News: सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में एक वकील ने हाईकोर्ट जजों पर FIR की मांग की है. वकील ने कहा कि उसने कानून सिर्फ अपने केस के लिए पढ़ा है. उसकी बातें सुनकर जज बोले- ‘आप तो रेयरेस्ट ऑफ रेयर है…और पढ़ें

वकील ने SC में दी ऐसी दलील, सुनकर जज बोले- ‘आप तो एक्स्ट्राऑर्डिनरी इंसान हैं'

DU-IIM ग्रैजुएट SC में बोला- जजों ने गलत फैसला दिया, FIR दर्ज हो! जस्टिस कांत का करारा जवाब

हाइलाइट्स

  • याचिकाकर्ता वकील ने हाईकोर्ट जजों पर FIR की मांग की.
  • याचिकाकर्ता ने कहा कि उसने कानून सिर्फ अपने केस के लिए पढ़ा है.
  • सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील डॉ मुरलीधर को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया.
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका की सुनवाई के दौरान ऐसा वाकया सामने आया जिसने जजों को भी हैरान कर दिया. एक बेहद ‘पढ़े-लिखे’ वकील ने अदालत में अर्जी डाली. उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग और IIM कोझिकोड से एमबीए किया है. सुप्रीम कोर्ट में सीधे दिल्ली हाईकोर्ट के मौजूदा जजों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए याचिका दाखिल कर दी. दलील दी कि एक टॉपर होते हुए भी उन्हें न्याय नहीं मिला, और इसलिए उनके केस की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की कोर्ट नंबर 1 में होनी चाहिए.

‘आप बेंच हंटिंग कर रहे हैं क्या?’ बोले जस्टिस सूर्यकांत

जस्टिस सूर्यकांत ने जब याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या वह बहस करना चाहते हैं या जजों को चुनना, तो याचिकाकर्ता ने जवाब दिया कि उन्होंने कानून सिर्फ इस केस के लिए ही पढ़ा है. बार एंड बेंच के अनुसार, इस पर जस्टिस सूर्यकांत ने व्यंग्य में कहा, ‘यही हमें अंदेशा था, आप जैसे लोग रेयरेस्ट ऑफ रेयर हैं.’

‘न्यायपालिका को लेकर गंभीर आरोप’

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट के कुछ जजों ने उनके साथ अन्याय किया है. इस पर कोर्ट ने पूछा कि ‘किस कानून के तहत आप जजों पर एफआईआर की मांग कर रहे हैं?’ जब याचिकाकर्ता ने कोई स्पष्ट कानूनी आधार नहीं बताया, तो जजों ने नाराजगी जताई.

‘जज से पूछा गया- बिना अनुभव के कैसे केस लाए?’

जस्टिस सूर्यकांत ने पूछा कि आपने कितने केस लड़े हैं? जवाब मिला, ‘कोई नहीं, सिर्फ ये केस ही है, इसी के लिए मैंने कानून पढ़ा है.’ कोर्ट ने पलटकर कहा, ‘आप तो वाकई एक्स्ट्राऑर्डिनरी इंसान हैं.’



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